दूसरी महत्वपूर्ण चीज कि कई बार हम सिर्फ डॉक्टर और हॉस्पिटल का ही बीमा लेते है, दवाइयों को बीमा लेना भूल जाते हैं। यह भी अच्छी खासी बजट लूटने वाली होती हैं। इसका भी ध्यान रखें।
कुछ पत्रिकाओं में छपने के अलावा लिखने के क्रम में चार किंडल बुक्स प्रकासित की है। खट्टी-मीठी नाम से ब्लॉग लिखा करती हूँ जो अब नियमित नहीं है। इधर कुछ वर्षों से फ़ेसबुक की दुनिया ज़्यादा वृहत हुई। टेक्नोलॉजी और भाषा के मेल से हिन्दी को इसने और विस्तार दिया है।