हर बाहरी उम्मीदवार सफल नहीं होता, लेकिन राखी इसरानी में जीतने की क्षमता है। आयशा वहाब की तरह वह विशेष हित समूहों, हिंदू विरोधी डीएमके या खालिस्तानी विचारधारा से जुड़ी नहीं हैं। राजा कृष्णमूर्ति की हार और रो खन्ना की बढ़ती राष्ट्रीय पहचान के बीच राखी की जीत और भी जरूरी हो जाती है।

राखी इसरानी
Credit: Handout