ब्रैम्पटन शहरवासियों ने सरकार से अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ हो रहे शोषण को खत्म करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। शहर के मेयर पैट्रिक ब्राउन, क्षेत्रीय पार्षद रोवेना सैंटोस और इंडस कम्युनिटी सर्विसेज के सीईओ गुरप्रीत मल्होत्रा ने कनाडाई सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की मदद के लिए आगे आएं और उनके लिए कुछ ठोस कदम उठाएं। ब्रैम्पटन कनाडा में भारतीय मूल के छात्रों का सबसे बड़ा गढ़ है। यहां भारतीय मूल के लोगों, खासकर छात्रों की सबसे अधिक आबादी रहती है। मेयर ब्राउन ने हाल ही में चिंता जताई थी कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों का योन शोषण और मानव तस्करी की जा रही है।
ब्रैम्टन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने कनाडा में आप्रवासन मंत्री मार्क मिलर, ओंटारियो के कॉलेज और विश्वविद्यालय मंत्री नोलन क्विन और ओंटारियो के श्रम, आप्रवासन, प्रशिक्षण और कौशल विकास मंत्री डेविड पिकिनी से मुलाकात की और अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मदद करने का आह्वान किया। मुलाकात के बाद पैट्रिक ब्राउन, रोवेना सैंटोस और गुरप्रीत मल्होत्रा ने कहा कि कनाडा में अंतरराष्ट्रीय़ छात्रों का शोषण आम बात हो गई है और हमारा लक्ष्य मुख्य रूप से इस समस्या को सुधारना है। ब्रैम्टन की फीसदी से अधिक अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीय मूल की है। उन्होंने कहा कि कनाडा अंतरराष्ट्रीय छात्रों सहित अस्थायी निवासियों की संख्या कम करने जा रहा है, लेकिन यह इस समाधान का केवल एक हिस्सा मात्र है। उन्होंने ब्रैम्पटन काउंसिल के एक हालिया प्रस्ताव को भी मंत्रियों को सौंपा है, जिसमें कुछ विशेषज्ञों द्वारा इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
ब्रैम्पटन काउंसिल द्वारा उपलब्ध कराए गए आँकड़ों के अनुसार, ब्रैम्पटन हजारों आर्थिक रूप से कमजोर अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का घर है, जो ब्रैम्पटन में या देश भर में अन्य नगर पालिकाओं में स्थानीय स्तर पर अध्ययनरत हैं। कई अंतर्राष्ट्रीय छात्र छात्र वीज़ा और कॉलेज एडमिशन घोटालों में फंसकर यहां आ जाते हैं और फिर फंस जाते हैं। इनमें अधिकतर कमजोर आर्थिक वर्ग के हैं।
उन्होंने बताया कि कनाडा पहुंचने के बाद यहां रहने, खाने-पीने खर्चे वहन नहीं कर पाते हैं और फिर ऐसे अराजकतत्वों के संपर्क में जाते हैं, जो उन्हें यौन शोषण और मानव तस्करी के दलदल में फंसा देते हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों में विशेषकर लड़कियों के शोषण और मानव तस्करी के मामले सामने आए हैं। जिसके बाद अवांछित गर्भधारण, गर्भपात, मानसिक तनाव और नशे के कारोबार में फंसने के बाद आत्महत्या को मजबूर हो जाते हैं। हम ब्रैम्पटन शहर में अंतरराष्ट्रीय छात्र चार्टर, आवासीय रेंटल लाइसेंसिंग पायलट (आरआरएल) के के माध्यम से इस तरह के शोषण को रोकने के लिए काम कर रहे हैं। हमने एक अंतरराष्ट्रीय छात्रों को इस दलदल में फंसने से रोकने के लिए रणनीति बनाई है।
छात्रों के लिए जागरुकता अभियान
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, पील रीजनल पुलिस टीम मानव तस्करी की पहचान करने, उन्हें रोकने के लिए कदम उठा रही है। छात्रों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सचेत करने के लिए हमारे पास 20 सदस्यों की एक टीम है। हमारी इस टीम ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों से बातचीत की और उनकी परेशानी को समझा। सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुखजीवन सिंह चट्ठा और कौर मूवमेंट फाउंडेशन द्वारा घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। हमारा प्रयास अंतरराष्ट्रीय छात्रों, विशेषकर लड़कियों को सेक्स वर्क विज्ञापन, मानव तस्करी का प्रभाव और इस मुद्दे पर जागरूक किया जा रहा है।
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