भारत से कड़वे संबंधों के बीच कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बड़ा झटका दिया है। कनाडाई सरकार ने एक महत्वपूर्ण बदलाव में आधिकारिक तौर पर स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम (एसडीएस) वीज़ा कार्यक्रम को समाप्त कर दिया है। 2018 से शुरू हए इस वीजा कार्यक्रम में चुनिंदा देशों के छात्रों को पढ़ाई के लिए कनाडा आना सुलभ था। 20 दिन में वीजा मिल जाता था। अब नॉर्मल प्रक्रिया में कम से कम 8 हफ्ते लगेंगे। 8 नवंबर से इसके बंद होने से 14 देशों के आवेदक प्रभावित होंगे, जिनमें प्रमुख स्रोत देश भारत और पाकिस्तान भी शामिल हैं।
इस वीजा कार्यक्रम का विस्तार एंटीगुआ और बारबुडा, ब्राजील, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, मोरक्को, पेरू, फिलीपींस, सेनेगल, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, त्रिनिदाद और टोबैगो और वियतनाम जैसे देशों के कानूनी निवासियों को शामिल करने के लिए किया गया था।
कनाडाई सरकार ने ऐसा क्यों किया
कनाडा सरकार ने एसडीएस वीजा कार्यक्रम को रद्द करने के पीछे की वजह का भी खुलासा किया है। सरकार की वेबसाइट पर एक बयान के अनुसार,"कार्यक्रम को रद्द करने के पीछे की मुख्य वजह छात्रों की भेद्यता को दूर करना और सभी छात्रों को आवेदन प्रक्रिया में समान और निष्पक्ष पहुंच प्रदान करना है। बयान के अनुसार, नीति का लक्ष्य सभी छात्र वीजा आवेदनों में अधिक समान अवसर प्रदान करना है।
आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) ने एक बयान में कहा, "कनाडा सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अध्ययन परमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया में समान और निष्पक्ष पहुंच देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह परिवर्तन उन लोगों के लिए पात्रता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा जो उस देश से अध्ययन परमिट के लिए आवेदन करना चाहते हैं, जहां एसडीएस की पेशकश की गई है।"
8 नवंबर को दोपहर 2 बजे(स्थानीय समयानुसार) से पहले जमा किए गए आवेदन अभी भी एसडीएस योजना के तहत संसाधित किए जाएंगे। हालांकि, बदलाव के बाद सभी आवेदन नियमित प्रक्रिया के तहत होंगे। यह नीतिगत बदलाव कनाडा की व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बीच आया है, जिसमें तनावपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, बढ़ती रहने की लागत और राष्ट्रीय आवास संकट शामिल हैं। ये कारक अंतरराष्ट्रीय छात्रों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने की कनाडा की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।
छात्रों पर क्या पड़ेगा असर
इस निर्णय से भावी छात्रों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हो गई है, जिन्होंने समय पर प्रवेश के लिए एसडीएस की तेज़ समय-सीमा का लाभ उठाने की आशा की थी। अब, प्रभावित देशों (खासकर भारत और पाकिस्तान) के छात्रों को कनाडा के मानक वीज़ा प्रसंस्करण प्रोटोकॉल को अपनाना होगा, जिससे संभावित रूप से कनाडा में निर्धारित समय पर पढ़ाई शुरू करने की उनकी योजना प्रभावित होगी।
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