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अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव: भारतीय पेशेवरों को क्या करना चाहिए?

अमेरिका का इमिग्रेशन सिस्टम लगातार बदल रहा है, जिससे भारतीय प्रोफेशनल्स और कारोबारी के लिए नए मौके और नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं। हाल ही में हुए बदलावों, खासकर H-1B वीजा लॉटरी और EB-2 NIW पिटीशन्स में आए बदलावों से जुड़ी अहम जानकारी यहां दी गई है। यह आपको अमेरिका में काम और रहने के लिए जरूरी अपडेट्स से अवगत कराएगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर / Courtesy Photo

अमेरिका का इमिग्रेशन सिस्टम काफी अनिश्चित है। भारतीय प्रोफेशनल्स और कारोबारी के लिए इसमें मौके भी हैं और मुश्किलें भी। अमेरिका में रहने और काम करने की चाह रखने वालों के लिए नए-नए नियमों को समझना बहुत जरूरी है। क्योंकि पॉलिसी में बार-बार छोटे-मोटे बदलाव होते रहते हैं। नीचे हालिया बदलावों की जानकारी दी गई है। 

H-1B वीज़ा लॉटरी:

  • रजिस्ट्रेशन की तारीख: US सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने बताया है कि 2026 के लिए H-1B वीजा लॉटरी के लिए रजिस्ट्रेशन 7 मार्च 2025 को दोपहर 12 बजे (EST) से शुरू होगा और 24 मार्च 2025 को दोपहर 12 बजे (EST) तक चलेगा।
  • नियोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी: जो कंपनियां पहले से H-1B वीजा के लिए अप्लाई करती रही हैं, उन्हें अपना USCIS ऑनलाइन अकाउंट बनाना होगा या उसे अपडेट रखना होगा। जो पहली बार अप्लाई कर रहे हैं, वे रजिस्ट्रेशन कर अपना अकाउंट बना लें। अब रजिस्ट्रेशन फीस बढ़कर $215 हो गई है, इससे साफ है कि अमेरिकी कंपनियों को काफी पैसा लगाना पड़ेगा।
  • पसरिचा एंड पटेल, LLC की सलाह: हमारी फर्म सलाह देती है कि जो लोग अप्लाई करना चाहते हैं, वे पहले से ही अपने सारे डॉक्यूमेंट्स तैयार रखें। USCIS का ऑनलाइन अकाउंट पहले ही बना लें, सारे जरूरी पेपर्स संभाल कर रखें और एक अच्छी प्लानिंग करें। क्योंकि ये लॉटरी काफी कॉम्पिटिटिव होती है।

H-1B में नए बदलाव:

  • शुरुआत: H-1B में सुधारों का पहला चरण 4 मार्च 2024 को लागू हुआ। 
  • नियोक्ताओं के लिए फायदा: इन बदलावों से पहले मिल चुके H-1B अप्रूवल को अब और अधिक अहमियत दी जाएगी। इससे कंपनियों को वीजा एक्सटेंशन में ज्यादा भरोसा होगा।
  • F-1 छात्रों के लिए राहत: जो F-1 स्टूडेंट्स H-1B वीजा के लिए इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए कैप-गैप प्रोटेक्शन को अगले साल 1 अप्रैल तक बढ़ा दिया गया है। इससे उन्हें अपना वीजा स्टेटस बदलने में ज्यादा समय मिलेगा और काम करने की इजाजत भी मिलती रहेगी।
  • H-1B और उद्यमी: इन नए नियमों से अमेरिका में अपनी कंपनी वाले उद्यमियों के लिए H-1B वीजा पाना आसान हुआ है। अब वे खुद के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन उन्हें ये साबित करना होगा कि उनकी जॉब 'स्पेशलिटी ऑक्यूपेशन' है। पहली मंजूरी और पहला एक्सटेंशन सिर्फ 18 महीने के लिए ही होगा।
  • पसरिचा एंड पटेल, LLC की राय: ये नए नियम ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान H-1B वीजा के इनकार के खतरे को कम करते हैं। लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। ये नियम कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और नए नियमों को लागू करने के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है, जिससे नजर रखना जरूरी हो गया है।

EB-2 नेशनल इंटरेस्ट वेवर (NIW) पिटीशन्स:

USCIS ने नेशनल इंटरेस्ट वेवर पिटीशन्स के लिए ज़्यादा सख्त नियम बना दिए हैं।

  • जरूरी बदलाव:
  • अब प्रोफेशनल्स को ये साबित करना होगा कि उनकी जॉब के लिए कम से कम बैचलर डिग्री जरूरी है। जिनके पास बैचलर डिग्री है, उन्हें डिग्री लेने के बाद अपने काम के 5 साल के तजुर्बे के सबूत देने होंगे।
  • उद्यमियों पर अब पहले से ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। उन्हें ये साबित करना होगा कि उनका बिजनेस सफल होगा और वे अमेरिकी कंपनी में काफी सक्रिय हैं।
  • अब दो चरणों में जांच होगी। पहले देखा जाएगा कि आवेदक नियमों को पूरा करता है या नहीं, और फिर देखा जाएगा कि आवेदक का तजुर्बा आम प्रोफेशनल्स से कितना अलग और बेहतर है।
  • USCIS ने ज्यादा जनरल एक्सपर्ट लेटर्स लेना बंद कर दिया है और अमेरिका की प्रतिस्पर्धा से जुड़ी बातों को सरल कर दिया है। अब सिर्फ ठोस और सही जानकारी मांगी जाएगी।
  • पसरिचा एंड पटेल, LLC की राय: NIW के नए नियम प्रोफेशनल्स के योगदान का अच्छे से मूल्यांकन करने की कोशिश करते हैं। हालांकि अब ज्यादा डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी, लेकिन इससे ये भी साफ हो गया है कि देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान कैसे दिखाया जा सकता है।

ट्रम्प प्रशासन के दौरान नए एलियन रजिस्ट्रेशन नियम:

  • 'प्रोटेक्टिंग द अमेरिकन पीपल अगेंस्ट इनवेजन' नाम के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से अमेरिका में रहने वाले गैर-नागरिकों के लिए काफी बड़े परिणाम निकले।
  • नए नियमों के मुताबिक, 14 साल या उससे ज्यादा उम्र के गैर-नागरिकों को रजिस्ट्रेशन कराना और उंगलियों के निशान लगवाने होंगे। अमेरिका में आने या रहने के 30 दिन के अंदर ये करना होगा
  • 18 साल से ज्यादा उम्र के गैर-नागरिकों को हमेशा अपना रजिस्ट्रेशन प्रमाण साथ रखना होगा। नियमों का पालन न करने पर जुर्माना और सजा हो सकती है।
  • कुछ लोगों को इससे छूट है, जैसे कि लॉफुल परमानेंट रेजिडेंट्स, कुछ खास वीजा होल्डर्स और अलग-अलग इमिग्रेशन स्टेटस वाले लोग। 
  • पसरिचा एंड पटेल, LLC की राय: इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से इमिग्रेशन एडवोकेट्स और कानूनी एक्सपर्ट्स बहुत चिंतित हैं। इससे अमेरिकी नागरिकों को भी परेशानी हो सकती है। प्रवासी समुदाय में डर और भ्रम फैल सकता है। 14 साल के बच्चों को भी रजिस्टर करना और कनाडा से आने वाले अस्थायी मेहमानों को भी इस नियम के दायरे में लाना बहुत चिंताजनक है। 

हालांकि साल अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन इमिग्रेशन लॉ में काफी बड़े बदलाव आ चुके हैं। अमेरिका का इमिग्रेशन सिस्टम लगातार बदल रहा है। इसलिए भारतीय प्रोफेशनल्स और उद्यमियों के लिए नए नियमों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। अपने खास इमिग्रेशन सवालों के लिए आप पसरिचा एंड पटेल, LLC के टैलेंटेड इमिग्रेशन डिपार्टमेंट से संपर्क कर सकते हैं।

(शीतल ए. पटेल और क्लेमेंट सी. चांग को 'न्यू इंडिया अब्रॉड' में योगदान देने का सम्मान मिला है। पसरिचा एंड पटेल, LLC का इमिग्रेशन डिपार्टमेंट नौकरी से जुड़े इमिग्रेशन, लेबर सर्टिफिकेशन, परिवार से जुड़े इमिग्रेशन, और इमिग्रेंट और नॉन-इमिग्रेंट वीजा पिटीशन्स में बेहतरीन कानूनी सेवाएं देता है। पसरिचा एंड पटेल, LLC की वेबसाइट यहां देखें: www.pasricha.com इस लेख में व्यक्त विचार और राय लेखिका के अपने हैं और जरूरी नहीं कि ये न्यू इंडिया अब्रॉड की आधिकारिक नीति को दर्शाते हों।)

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