अमेरिका में भारतीय मूल के सांसद सुहास सुब्रमण्यम (D-VA) ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए दो बिल पेश किए हैं। ये एक्शन इसलिए उठाए गए हैं क्योंकि DOGE के काम करने के तरीके को लेकर काफी चिंताएं हैं। लोगों को लग रहा है कि विभाग बिलकुल बेरोकटोक काम कर रहा है।
बताया गया है कि ये नए बिल DOGE के हालिया कामकाज के खिलाफ हैं। अरबपति इलॉन मस्क के नेतृत्व वाले इस विभाग ने योग्य सरकारी कर्मचारियों को निकाला गया है और कई अहम सरकारी एजेंसियों को खत्म कर दिया है। इससे लोगों में बहुत गुस्सा है। हर तरफ विरोध हो रहा है।
पहला बिल, 'लेजिस्लेटिव एन्फोर्समेंट अगेंस्ट सेटबैक्स फ्रॉम हार्मफुल DOGE एक्शन्स एक्ट' (LEASH DOGE एक्ट), ये कहता है कि DOGE को कांग्रेस को एक पब्लिक रिपोर्ट देनी होगी। इस रिपोर्ट में उनके सभी कर्मचारियों और सलाहकारों की जानकारी होगी। इसमें उनकी बैकग्राउंड चेक, सिक्योरिटी क्लियरेंस और किसी भी तरह के संभावित टकराव की जानकारी शामिल होगी।
इसके अलावा, इस एक्ट में ये भी कहा गया है कि DOGE को कांग्रेस के सामने गवाही देनी होगी कि उनके कर्मचारियों के पास फेडरल सिस्टम की कितनी संवेदनशील जानकारी है। बिल के मुताबिक, एक पब्लिक वेबसाइट भी बनाई जाएगी, जो हर हफ्ते अपडेट होगी। इस वेबसाइट पर नागरिकों को कर्मचारियों की भूमिकाओं, सरकारी कर्मचारियों की छंटनी, फंड में कटौती और जनता के सवालों के लिए संपर्क सूत्रों के बारे में जानकारी मिलेगी। अगर DOGE 31 मार्च तक ये सब नहीं करता है, तो इस एक्ट में कहा गया है कि कांग्रेस द्वारा दिए गए फंड को रोक दिया जाएगा।
दूसरा बिल, 'अकाउंटेबिलिटी इन गवर्नमेंट एफिशिएंसी एक्ट' DOGE के कामकाज से देश की आर्थिक स्थिरता, जन स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पड़े असर का एक पूरा रिपोर्ट मांगता है। इसमें सरकारी कर्मचारियों की कमी, फेडरल प्रोग्राम्स को बंद करने, कामों को रोकने और फिर से शुरू करने की लागत और DOGE द्वारा 1974 के प्राइवेसी एक्ट का पालन करने का आकलन शामिल है।
कांग्रेस सदस्य सुब्रमण्यम ने DOGE के हालिया कामकाज पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा, 'DOGE ने कांग्रेस के अधिकार और अमेरिकी लोगों की इच्छा को दरकिनार करते हुए, बिना किसी अनुमति के, असंवैधानिक खर्च के फैसले लिए हैं। बिना किसी निगरानी या जवाबदेही के अमेरिकी करदाताओं के बेहद संवेदनशील डेटा तक गैरकानूनी तरीके से पहुंच हासिल की है।'
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन बिलों की जरूरत है ताकि DOGE को अमेरिकी लोगों के सामने जवाबदेह बनाया जा सके। इसके नेताओं को कांग्रेस द्वारा अधिकृत कार्यक्रमों और सेवाओं को गैरकानूनी रूप से खत्म करने से रोका जा सके, जो अमेरिकियों को सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनाते हैं।'
इन बिलों को पेश करना DOGE के कामकाज पर बढ़ती जांच के बीच आया है। हालिया रिपोर्टों में विभाग के भीतर बड़ी संख्या में इस्तीफों पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें नैतिक चिंताओं के कारण 20 से अधिक सरकारी कर्मचारी विभाग छोड़ चुके हैं।
दोनों विधायी प्रस्तावों को कई सह-प्रायोजकों का समर्थन प्राप्त है। इनमें प्रतिनिधि इमैनुअल क्लीवर (डी-एमआई), एलेनोर नॉर्टन होम्स (डी-डीसी), जोनाथन जैक्सन (डी-आईएल), सारा जैकब्स (डी-सीए), राउल ग्रिजाल्वा (डी-एज), क्लियो फील्ड्स (डी-एलए), जॉन लार्सन (डी-सीटी), रशीदा तलाइब (डी-एमआई), बोनी वाटसन कोलमैन (डी-एनजे) और राजा कृष्णमूर्ति (डी-आईएल) शामिल हैं।
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