राफ्ट (Raft) की संस्थापक और सीईओ शुभि मिश्रा को लगातार दूसरी बार वॉश100 अवॉर्ड (Wash100 ) से नवाजा गया है। वह डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपने इनोवेटिव आइडियाज से धूम मचा रही हैं। अपनी राफ्ट टीम को क्रेडिट देते हुए मिश्रा ने एक बयान में कहा, 'हम सिर्फ चुनौतियों को अपनाते ही नहीं बल्कि उनका बहादुरी से मुकाबला करते हैं। हम बाधाओं को तोड़ते हैं और ये दिखाते हैं कि वारफाइटर्स डेटा का ऑटोनॉमसली इस्तेमाल कैसे करें।' राफ्ट वॉशिंगटन बेस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजी फर्म है।
उन्होंने कहा, 'असली असर तो जंग के मैदान में होता है, जहां हर सेकंड्स मायने रखते हैं और जानें दांव पर लगी होती हैं। ये सिर्फ टेक्नोलॉजी की बात नहीं है, बल्कि ये उन जवानों को तेज जानकारी, बेहतर फैसले और मिशन की कामयाबी का फायदा दिलाने की बात है जो सबसे आगे लड़ रहे हैं।
मिश्रा ने कहा कि प्रोग्रेस का सबसे बड़ा दुश्मन डर है और राफ्ट बहुत हिम्मत के साथ उसकी तरफ दौड़ता है। उन्होंने कहा, 'यह पहचान हमारी आग को और भड़काता है ताकि हम और भी लिमिट्स को पुश कर सकें, स्टेटस क्वो को चैलेंज कर सकें और डिफेंस के फ्यूचर को शेप कर सकें।'
एक्जिक्युटिव मोसेक हर साल सरकार और गवर्नमेंट कंट्रैक्टिंग लैंडस्केप में उत्कृष्टता दिखाने वाले सबसे प्रॉमिसिंग और आउटस्टैंडिंग एग्जिक्युटिव्स को प्रतिष्ठित वॉश100 अवॉर्ड से नवाजता है।
वॉश100 अवॉर्ड विनर्स को हर साल एक्जिक्युटिव मोसेक की संगठनात्मक और एडिटोरियल लीडरशिप द्वारा सावधानीपूर्वक और प्रतिस्पर्धी रिव्यू प्रोसेस के बाद चुना जाता है। संबंधित व्यक्तियों को लीडरशिप, इनोवेशन और विजन में उनकी कंसिस्टेंट उपलब्धियों के लिए चुना जाता है।
वॉश100 अवॉर्ड के संस्थापक और एक्जिक्युटिव मोसेक के सीईओ जिम गैरेट्सन ने एक बयान में कहा कि मिश्रा राफ्ट में एक हाईली स्केलेबल, रैपिड केपेबिलिटी बना रही हैं। उन्होंने बताया कि मिश्रा ने कंपनी के सी-सूट में टॉप-टियर टैलेंट भरे हैं।
गैरेट्सन ने कहा, 'उनकी लीडरशिप में राफ्ट ने डिफेंस डिपार्टमेंट को अपने डेटा का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करने के लिए एक नई और इम्प्रूव्ड डेटा प्लेटफॉर्म लॉन्च की। एयर फोर्स को क्लाउड कंप्यूटिंग और आईटी इंटीग्रेशन के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला। साथ ही उन्होंने डिफेंस कंट्रैक्टर्स के ऑपरेट करने के तरीके पर भी स्पीड और एजिलिटी के नए बेंचमार्क सेट किए।'
मिश्रा का दूसरा वॉश100 अवॉर्ड राफ्ट डेटा प्लेटफॉर्म के अपडेटेड वर्जन के रिलीज के बाद आया है। यह डिफेंस डिपार्टमेंट को अपने डेटा को ऑर्गेनाइज और मैनेज करने में मदद करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए, ये ऐप पेंटागन से गुजरने वाली भारी मात्रा में जानकारी की गहन विश्लेषण और रैपिड प्रोसेसिंग की मांग को पूरा करता है।
उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय (DOD) के पास एक ऐसा शक्तिशाली प्लेटफॉर्म है जो उन्हें अपने डेटा को कंट्रोल करने, तेजी से काम करने और भरोसेमंद तरीके से काम करने की क्षमता देता है, जिससे वे अपने दुश्मनों से आगे रह सकते हैं। मिश्रा का मानना है कि डिफेंस कॉन्ट्रैक्टिंग में तब बदलाव आएगा जब बड़ी कंपनियों के 'इनोवेशन थिएटर' ( दिखावे के काम) के बारे में बातचीत शुरू होगी जो मार्केट पर हावी हैं।
इस डिफेंस एंटरप्रेन्योर ने कहा कि नई और उभरती हुई वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पुराने ठेकेदारों पर ही निर्भर रहने के बजाय, चुस्त और विशेषज्ञ फर्मों पर भरोसा करके हम एक अधिक गतिशील और प्रभावी रक्षा क्षेत्र बना सकते हैं।
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