भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र माइक वॉल्ट्ज से इस्तीफा देने की मांग की है। ये मांग सिग्नल ग्रुप चैट कंट्रोवर्सी के बाद सामने आई है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि ट्रंप प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। वो मानते हैं कि इसमें कुछ गलत नहीं है। लेकिन ऐसा नहीं है. सेक्रेटरी हेगसेथ और एडवाइज़र वॉल्ट्ज को इस्तीफा देना चाहिए। पूरे सिस्टम में सुधार जरूरी है।
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गौरतलब है कि यह विवाद तब गहराया जब एक मैगजीन के एडिटर इन चीफ को गलती से एक ऐसे सिग्नल ग्रुप में जोड़ दिया गया था जिसमें यमन मिलिट्री ऑपरेशन को लेकर बातें हो रही थीं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेक्रेटरी हेगसेथ ने उस चैट पर गोपनीय डिटेल्स भी शेयर की थीं।
खबरों की मानें तो व्हाइट हाउस के टॉप अफसर जैसे वाइस प्रेसिडेंट जेडी वांस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर तुलसी गैबर्ड, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा के लिए 20 से ज्यादा सिग्नल ग्रुप चैट्स का इस्तेमाल करते हैं।
सैन्य व विदेश मामलों की सब-कमिटी के मेंबर सुब्रमण्यम ने कहा कि इतना तो साफ है कि ट्रंप प्रशासन के अधिकारी सिग्नल और जीमेल जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स पर प्राइवेट डिवाइस से सिक्योर इंफॉर्मेशन शेयर कर रहे हैं। ये बहुत खतरनाक है। ये हमारे जवानों और नागरिकों को खतरे में डाल रहा है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। ये जानना जरूरी है कि अब तक कितना नुकसान हो चुका है, कौन सी कमियां हैं और सरकार इसको कैसे फिक्स कर रही है। लोगों को जवाब चाहिए।
इस बीच पेंटागन के कार्यवाहक इंस्पेक्टर जनरल ने सेक्रेटरी हेगसेथ के सिग्नल यूज़ करने की जांच शुरू कर दी है। इस दौरान ये भी देखा जाएगा कि क्या रक्षा मंत्रालय के नियमों और केंद्रीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
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