अमेरिका में रहने वाले मोहिंदर एल. नय्यर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मंडी को 85,000 डॉलर (करीब 73 लाख रुपये) का दान दिया है। नय्यर आईआईटी रुड़की के छात्र रहे हैं।
यह आईआईटी मंडी के रिसोर्स जेनरेशन एंड एलुमनाई रिलेशंस (DORA) विभाग को विदेश से मिला सबसे बड़ा दान है। इस रकम से आईआईटी मंडी में एंडोमेंट फंड की स्थापना की जाएगी। इसका उपयोग प्रतिभाशाली व ज़रूरतमंद छात्रों की मदद और शोध कार्यों को बढ़ावा देने में किया जाएगा।
आईआईटी मंडी ने कहा कि मोहिंदर एल. नय्यर से 85,000 डॉलर का यह फंड छात्रों की मदद और पढ़ाई व शोध कार्यों की बेहतरी में इस्तेमाल होगा। हम इस सहयोग के लिए उनके दिल से आभारी हैं।
इस फंड के सही उपयोग के लिए मोहिंदर नय्यर, आईआईटी मंडी और आईआईटी रुड़की फाउंडेशन के बीच एक समझौता किया गया है। इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि फंड का शिक्षा और शोध में सही जगह इस्तेमाल हो।
मोहिंदर एल. नय्यर के बारे में बताएं तो वह आईआईटी रुड़की के 1966 बैच के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र रहे हैं। वे अमेरिकी सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) के सदस्य हैं।
2016 में नय्यर को आईआईटी रुड़की के डिस्टिंग्विश्ड एलुमनस अवार्ड से सम्मानित किया गया था। नय्यर ने इंजीनियरिंग पर कई प्रसिद्ध किताबें लिखी हैं। वे कविताएं और दार्शनिक लेख भी लिखते हैं।
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