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पुणे के रिसर्चर विराज करंबेलकर को NASA का प्रतिष्ठित हबल फेलोशिप

मूल रूप से पुणे के विराज करंबेलकर ने NASA के बेहद प्रतिष्ठित हबल फेलोशिप प्रोग्राम में जगह बनाई है। 650 से अधिक आवेदकों में से सिर्फ 24 को चुना गया है। यह फेलोशिप उन्हें तीन साल तक अमेरिका में रिसर्च करने का मौका देगी। 

विराज के पास IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग फिजिक्स और मैथ्स में बैचलर डिग्री है। / Space Telescope Science Institute.

मूल रूप से भारत के पुणे के रहने वाले एस्ट्रोफिजिक्स रिसर्चर विराज करंबेलकर को NASA के 2025 हबल फेलोशिप प्रोग्राम (NHFP) में जगह मिल गई है। ये खगोलीय भौतिकी के फील्ड में काफी मुश्किल से मिलने वाली फेलोशिप है। अप्लाई करने वाले 650 से अधिक आवेदकों में से सिर्फ 24 छात्रों को यह मौका मिला है। इनमें से विराज एक हैं। विराज कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) में पढ़ाई कर रहे हैं।

नेशनल हबल फेलोशिप प्रोग्राम (NHFP) खगोल भौतिकी में बेहतरीन काम और लीडरशिप को बढ़ावा देता है। इसमें चुने गए हर शोधकर्ता को अमेरिका के किसी संस्थान में तीन साल तक की मदद मिलती है। इन शोधकर्ताओं को तीन ग्रुप में बांटा जाता है, जिनके काम NASA के खगोल भौतिकी रिसर्च के मुख्य सवालों से जुड़े होते हैं। इनमें आइंस्टाइन फेलोज ब्रह्मांड के काम करने के तरीके पर रिसर्च करते हैं। हबल फेलोज ब्रह्मांड की संरचना के विकास पर। सागन फेलोज दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना पर काम करते हैं। विराज करंबेलकर हबल फेलो के तौर पर इस प्रोग्राम में जुड़ेंगे और तारों के विकास और ब्रह्मांड को आकार देने में उनकी भूमिका पर काम करेंगे। 

वाशिंगटन में NASA मुख्यालय के एस्ट्रोफिजिक्स डिवीजन के कार्यवाहक निदेशक शॉन डोमागल-गोल्डमैन ने कहा, 'NASA हबल फेलोशिप प्रोग्राम के 2025 बैच में बेहतरीन खगोल भौतिकी शोधकर्ता हैं। इस मुकाबले के बाद चुने गए फेलोज अपने रिसर्च से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। अपने काम के नतीजे आम लोगों के साथ शेयर करेंगे। इनकी मेहनत से NASA अंतरिक्ष आधारित खगोल भौतिकी रिसर्च में अपनी दुनिया भर में अगुवाई जारी रख पाएगा।'

विराज करंबेलकर का शैक्षणिक सफर ब्रह्मांड में होने वाले विलयों (मर्जर्स) में गहरी रुचि से तय हुआ है। उन्होंने 2019 में IIT बॉम्बे से इंजीनियरिंग फिजिक्स और मैथमेटिक्स में बैचलर डिग्री ली। इसके बाद खगोल भौतिकी वैज्ञानिक मानसी कासलीवाल के मार्गदर्शन में Caltech में पीएचडी करने लगे। उनका रिसर्च मिल रहे तारों, वाइट ड्वार्फ्स और न्यूट्रॉन स्टार्स के अध्ययन पर केंद्रित है। इसके लिए वे ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड टाइम-डोमेन सर्वे का इस्तेमाल करके इनके विस्फोटक और परिवर्तनशील घटनाक्रमों पर नजर रखते हैं। उन्होंने ट्रांजिएंट-डिटेक्शन सिस्टम के विकास में भी अहम भूमिका निभाई है, जिसमें पलोमर ऑब्जर्वेटरी में इन्फ्रारेड वाइड-फील्ड इन्फ्रारेड ट्रांजिएंट एक्सप्लोरर (WINTER) सर्वेयर भी शामिल है।

उनके काम से दुनिया के दो सबसे ताकतवर स्पेस टेलीस्कोप—जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप और हबल स्पेस टेलीस्कोप—से ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम्स शुरू हुए हैं। हबल फेलो के तौर पर, विराज करंबेलकर आने वाले ऑब्जर्वेशन मिशन्स, जैसे वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी, NASA का SPHEREx मिशन और नैन्सी ग्रेस रोमन स्पेस टेलीस्कोप, का इस्तेमाल करके ज्ञात तारकीय विलयों (स्टेलर मर्जर्स) की सूची को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। उनके रिसर्च का मकसद बाइनरी स्टार के विकास, गुरुत्वाकर्षण तरंगों के स्रोतों और ब्रह्मांडीय धूल के बजट में इन विलयों की भूमिका को बेहतर ढंग से समझना है।

 

 

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