जॉर्जिया यूनिवर्सिटी ने भारतीय मूल के कई छात्रों को 'फाउंडेशन फेलोशिप' देकर सम्मानित किया है। यह यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा अकादमिक सम्मान है। ये छात्र अपनी पढ़ाई में अव्वल हैं और साथ ही लीडरशिप क्वालिटीज भी दिखाते हैं। 2025 से 2028 के बैच में कुछ नाम ये शामिल हैं- खुशी मेहता, अशनी पटेल, कुणाल वोहरा, सुहान कचोलिया, आर्यन ठाकुर, निकिता झा, श्लोक सुधीन, चिन्मय जोशी, आरव मल्होत्रा, हर्षिल जोशी, श्रिया कुमारी गर्ग, दिया अक्षिला गर्रेपल्ली, आशर बक्शी और जाबिली गोसुकोंडा।
ये फाउंडेशन फेलोशिप, UGA के मोरेहेड ऑनर्स कॉलेज द्वारा चलाया जाता है। 1972 में UGA फाउंडेशन के ट्रस्टीज ने बेहतरीन अंडरग्रेजुएट छात्रों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए इसकी शुरुआत की थी। हर साल देशभर से 1000 से ज्यादा बच्चों के आवेदन आते हैं। इनमें से महज 100 को इस बेहद मुश्किल चयन प्रक्रिया में चुना जाता है।
इस फेलोशिप में पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए ढेर सारे शानदार मौके मिलते हैं। जो छात्र जॉर्जिया के रहने वाले हैं उन्हें जेल मिलर स्कॉलरशिप के साथ-साथ हर साल 15,050 डॉलर मिलते हैं। दूसरे राज्यों के छात्रों को 25,900 डॉलर और पूरी फीस माफी मिलती है। इसके अलावा, फेलोशिप विजेताओं को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में मेमेस्टर (Maymester) जैसे विदेश में पढ़ाई के प्रोग्राम्स, देश-विदेश की कई ट्रिप्स, 10,000 डॉलर की ट्रैवल-स्टडी ग्रांट्स और रिसर्च या अकादमिक कॉन्फ्रेंस के खर्चों के लिए 2,000 डॉलर तक मिलते हैं।
ये फेलोशिप सिर्फ उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन को ही नहीं देखता, बल्कि ऐसे छात्रों को चुनता है जो लीडरशिप, क्रिएटिविटी, जिज्ञासा और कम्युनिटी सर्विस में जुनून दिखाते हैं। फेलोशिप विजेता प्रोफेसरों के साथ सेमिनार्स में हिस्सा लेते हैं। दुनियाभर के विद्वानों से जुड़ते हैं और अपने जैसे ही काबिल और होशियार साथियों के साथ एक बेहतरीन ग्रुप का हिस्सा बनते हैं। ये एक बेहद प्रतिष्ठित प्रोग्राम है जो सिर्फ पढ़ाई में होशियारी ही नहीं, बल्कि हर तरह से बेहतरीन बच्चों को ढूंढता है।
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