अमेरिकी चुनाव में जीत हासिल करने वाले भारवंशियों में भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य प्रमिला जयपाल भी शामिल हैं। उन्होंने चुनाव में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डैन अलेक्जेंडर को हराकर वाशिंगटन के 7वें कांग्रेसनल जिले में जीत हासिल की। जीत के बाद उन्होंने अपने समर्थकों को दिए संदेश में कहा कि वे गरीबों और कामकाजी लोगों के लिए आगे भी काम करते रहेंगी।
वाशिंगटन में एक बार फिर जीत हासिल करने के बाद प्रमिला जयपाल ने अपने समर्थकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा, "मेरे दिल की गहराइयों से, आपका धन्यवाद! हमारा अभियान और हमारा आंदोलन हमेशा लोगों को ऊपर उठाने, गरीबों और कामकाजी लोगों के लिए लड़ने और हम सभी को एक साथ लाने के बारे में रहा है। मुझे वाशिंगटन के 7वें जिले का प्रतिनिधित्व करने पर बहुत गर्व है और मैं सभी के लिए प्रगति और अवसर के लिए लड़ाई जारी रखने के लिए एक साथ जुड़ने की उम्मीद करती हूं।"
जयपाल 2017 से इस पद पर हैं। एक ऐसे जिले का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जो डेमोक्रेटिक का गढ़ माना जाता है। यह जिला ब्यूरियन, व्हाइट सेंटर और उत्तर में शोरलाइन तक फैला हुआ है। जयपाल के दोबारा चुने जाने से पहले अगस्त के प्राइमरी में उन्हें काफ़ी बढ़त मिली थी। वहां उन्हें 79.9 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि एलेक्जेंडर 7.8 प्रतिशत वोटों के साथ काफ़ी पीछे थे।
कांग्रेस में, जयपाल कांग्रेस प्रगतिशील कॉकस की अध्यक्ष के रूप में कार्य करती हैं तथा सामाजिक न्याय, आर्थिक समानता और जलवायु कार्रवाई पर केंद्रित नीतियों की वकालत करती हैं। उन्होंने कांग्रेस में निर्वाचित होने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला के रूप में इतिहास रचा। कांग्रेस में अपने कार्यकाल से पहले, उन्होंने वाशिंगटन राज्य सीनेट में डिस्ट्रिक्ट 37 का प्रतिनिधित्व किया है।
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