अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय वस्तुओं के आयात पर 26 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के ऐलान की भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे अमेरिका और भारत के आर्थिक व सुरक्षा हितों के लिए नुकसानदायक करार दिया है।
सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ लगाने का फैसला गलत है। इससे अमेरिका के आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा हितों को नुकसान होगा।
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उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब चीन की सैन्य आक्रामकता और आर्थिक दबाव का मुकाबला करने के लिए भारत के साथ हमारी साझेदारी सबसे ज्यादा अहम है, यह टैरिफ दोनों देशों के रिश्तों पर बेवजह का दबाव डालेगा। यह टैरिफ अमेरिकियों की जेब पर भारी पड़ेगा और दोनों देशों के कारोबारियों के लिए मुश्किलें पैदा करेगा।
कृष्णमूर्ति ने यह फैसला वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप से आग्रह करता हूं कि वे इस नुकसान पहुंचाने वाले टैरिफ को वापस लें और अमेरिकी परिवारों, भारत से मजबूत साझेदारी और चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात में आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
भारत और अमेरिका के संबंधों पर कृष्णमूर्ति ने कहा कि दोनों देशों की दोस्ती मजबूत बनी रहेगी लेकिन इस तरह के आर्थिक फैसले द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा कर सकते हैं। उन्होंने आगाह किया कि चीन जैसे खतरों के मुकाबले के लिए अमेरिका और भारत के मजबूत संबंध जरूरी है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में भारत से इंपोर्ट होने वाली कुछ वस्तुओं पर 26 फीसदी का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम अमेरिकी उद्योगों को नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।
भारतीय मूल के नेताओं और व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इस नए टैरिफ से द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हो सकता है और सप्लाई चेन में बाधा आएगी। कहा जा रहा है कि इस फैसले से भारतीय स्टील, केमिकल्स और टेक्सटाइल उद्योग प्रभावित हो सकते हैं, वहीं अमेरिकी कारोबारियों को भी महंगे सामान खरीदने पड़ सकते हैं।
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