जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में साल 2025 की कमेंसमेंट सेरेमनी में एजुकेटर सैल खान मुख्य वक्ता के रूप में संबोधन देंगे।
सलमान सैल खान ने 2008 में नॉन-प्रॉफिट ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म खान एकेडमी की शुरुआत की थी, जो अब 190 देशों में 18 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स को सर्विस देता है। एजुकेशन में उनका सफर 2004 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपने रिश्तेदारों को ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया था।
टीचिंग का उनका तरीका इतना पॉपुलर हुआ कि 2009 में उन्होंने हेज फंड एनालिस्ट की नौकरी छोड़कर पूरी तरह से ऑनलाइन एजुकेशन को जीवन समर्पित कर दिया।
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जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट रॉन डैनियल्स ने कहा कि सैल खान 20 साल पहले एजुकेशन में जो इनोवेटिव अप्रोच लेकर आए, उसने दुनियाभर में स्टूडेंट्स के लिए लर्निंग का तरीका ही बदल दिया।
उन्होंने खान के कार्यों को यूनिवर्सिटी के मिशन से भी जोड़ा जिसे 1876 में संस्थापक प्रेसिडेंट डैनियल कोइट गिलमैन ने दुनिया तक ज्ञान पहुंचाने के रूप में परिभाषित किया था।
खान एकेडमी ने स्टूडेंट्स, पैरेंट्स और टीचर्स को आसानी से उपलब्ध एजुकेशनल रिसोर्सेज दिए हैं। 2025 की क्लास के कई स्टूडेंट्स भी अपने पढ़ाई में इनके टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऑनलाइन लर्निंग से आगे सैल खान अब एजुकेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंटीग्रेट करने में काम कर रहे हैं। उनकी किताब ब्रेव न्यू वर्ड्स : हाउ एआई विल रिवॉल्यूशनलाइज एजुकेशन में एआई की क्लासरूम्स को बदलने की क्षमता को एक्सप्लोर किया गया है।
कमेंसमेंट सेरेमनी में लगभग 1,450 अंडरग्रेजुएट्स, 60 ग्रेजुएट स्टूडेंट्स और 130 डॉक्टोरल कैंडिडेट्स के साथ-साथ जॉन्स हॉपकिन्स के कुल 11,360 ग्रेजुएट्स को सम्मानित किया जाएगा।
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