1984 के सिख विरोधी दंगों को जैसा मैंने देखा: हत्याएं नहीं नरसंहार था
कहा जाता है कि इन दंगों में देश भर में 3500 व दिल्ली में करीब 2700 सिखों की हत्याएं की गईं। दूसरी ओर सिख संगठन दावा करते हैं कि मृतकों की संख्या इससे अधिक थी, क्योंकि न तो उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, पोस्टमॉर्टम हुआ और न ही हत्याओं की पुलिस रिपोर्ट लिखी गई। मैंने इन दंगों को अपनी आंखों से देखा।
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