5 नवंबर के बीच अब बस एक दिन बाकी है। उस दिन यानी कल राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान है। और उस रात डेमोक्रेटिक पद की राष्ट्रपति उम्मीदवार और वर्तमान उप राष्ट्रपति कमला हैरिस हावर्ड विश्वविद्यालय के परिसर से अपने जीवन की 'सबसे बड़ी जंग' पर नजर नखेंगी। यह हैरिस की मातृ संस्था (अलमा) है। और संभवतः उनके जीवन की सबसे महत्वपूर्ण रात के लिए उपयुक्त स्थान।
'द ब्लैक हार्वर्ड' उपनाम से जाना जाने वाला वॉशिंगटन स्कूल अमेरिकी उपराष्ट्रपति के जीवनी में केंद्रीय स्थान रखता है। 1986 में यहीं से स्नातक होने के बाद से वह अक्सर महत्वपूर्ण क्षणों में यहां आती रही हैं।
हैरिस ने 2019 में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद की प्राइमरी में एक उम्मीदवार के रूप में कहा था- हावर्ड यूनिवर्सिटी मेरे जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। यह वह जगह है जहां से मैं पहली बार अपने पहले निर्वाचित कार्यालय के लिए मैदान में उतरी थी। एक छात्र परिषद प्रतिनिधि के रूप में। सब कुछ यहीं से शुरू हुआ। लिहाजा, मंगलवार की रात हावर्ड परिसर में हैरिस की उपस्थिति बेहद प्रतीकात्मक है। इसलिए क्योंकि हैरिस अमेरिकी राष्ट्रपति चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन सकती हैं।
अमेरिकी कांग्रेस ने 1867 में हावर्ड की स्थापना की थी। स्कूल का नाम ओलिवर हॉवर्ड के नाम पर रखा गया, जो एक नॉर्थनर थे और जिन्हें 'ईसाई जनरल' के नाम से जाना जाता था। उन्होंने मुक्त दासों के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया था।
हॉवर्ड ने ऐतिहासिक रूप से अश्वेत कॉलेजों और विश्वविद्यालयों (HBCU) के रूप में ख्यात लगभग 100 संस्थानों में से एक के रूप में प्रतिष्ठा बनाई है। इस संस्थान की ओर ज्यादातर अश्वेत और अल्पसंख्यक छात्र आकर्षित होते रहे हैं। हॉवर्ड में लगभग 11,000 छात्र हैं।
सेलिब्रिटी स्नातक
हॉवर्ड के सबसे प्रतिष्ठित स्नातकों में लेखक और नोबेल पुरस्कार विजेता टोनी मॉरिसन और प्रसिद्ध नागरिक अधिकार नेता थर्गूड मार्शल शामिल हैं, जो 1967 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाले पहले अश्वेत न्यायाधीश बने। हैरिस ने कहा था कि मार्शल ने ही उन्हे (भावी वकील) 1982 में अपने विश्वविद्यालय अध्ययन के लिए हावर्ड को चुनने के लिए प्रेरित किया था।
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