डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद अब इस बात को लेकर अटकलें लग रही हैं कि उनकी कैबिनेट में कौन-कौन मंत्री बनेगा और किस प्रशासन में उच्च पद मिलेंगे।
बताया जा रहा है कि ट्रम्प ने संभावित मंत्रियों और अधिकारियों का चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इनमें भारतीय मूल के अमेरिकी काश पटेल भी शामिल हैं। उन्हें नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े अहम पद का दावेदार माना जा रहा है।
काश पटेल रिपब्लिकन हाउस के पूर्व कर्मचारी रह चुके हैं। उन्होंने ट्रम्प के बतौर राष्ट्रपति पहले कार्यकाल में डिफेंस और इंटेलिजेंस में कई उच्च रैंकिंग भूमिकाएं निभाई हैं। ट्रम्प के कुछ सहयोगी चाहते हैं कि काश पटेल को नई सरकार में सीआईए का निदेशक बनाया जाना चाहिए। हालांकि उन्हें किसी ऐसे पद पर बिठाना चुनौती भरा हो सकता है, जिसके लिए सीनेट की पुष्टि की जरूरत हो।
पटेल कई बार विवादों में रहे हैं। ट्रम्प के सहयोगी स्टीव बैनन को पिछले साल दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ट्रम्प सरकार आने पर ऐसे नेताओं और पत्रकारों पर कार्रवाई की जाएगी, जो ट्रम्प के खिलाफ माने जाते हैं। ट्रम्प के पहले कार्यकाल में पटेल की कुछ अनुभवी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों से भी खटपट हो गई थी।
ट्रम्प ने सूसी वाइल्स को चीफ ऑफ स्टाफ बनाने की घोषणा कर दी है। इनके अलावा ट्रेजरी सेक्रेटरी पद के लिए जॉन पॉलसन, लैरी कुडलो, रॉबर्ट लाइटहाइज़र और हावर्ड लुटनिक में मुकाबला है। लिंडा मैकमोहन को वाणिज्य मंत्री बनाया जा सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्री की रेस में रिचर्ड ग्रेनेल, रॉबर्ट ओ'ब्रायन, बिल हैगर्टी, मार्को रुबियो का नाम लिया जा रहा है। डिफेंस सेक्रेटरी पद के लिए माइक वाल्ट्ज और माइक पोम्पिओ में से किसी को चुना जा सकता है।
होमलैंड सिक्योरिटी विभाग टॉम होमन, चाड वुल्फ, मार्क ग्रीन में से किसी को मिल सकता है। कीथ केलॉग को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अहम पद मिल सकता है। इनके अलावा अटॉर्नी जनरल की रेस में जॉन रैटक्लिफ और माइक ली शामिल हैं।
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