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भारतीय-अमेरिकी उषा चिलुकुरी ने रचा इतिहास, पहली भारतवंशी सेकंड लेडी बनीं

उषा 1986 में अमेरिका आए भारतीय प्रवासियों के घर कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में जन्मी हैं। उनकी परवरिश वहीं पर हुई है।

उषा चिलुकुरी अमेरिका के निर्वाचित उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी हैं। / X @JDVance

अमेरिका के चुनाव में उषा चिलुकुरी वेंस के रूप में एक भारतीय-अमेरिकी ने इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका की पहली भारतीय मूल की सेकंड लेडी बन गई हैं। डोनाल्ड ट्रम्प की जीत के साथ उषा के पति जेडी वेंस उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हुए हैं। 

उषा 1986 में अमेरिका आए भारतीय प्रवासियों के घर कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में जन्मी हैं। उनकी परवरिश वहीं पर हुई है। अकादमिक क्षेत्र में उषा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने येल से कानून की डिग्री हासिल की है। वहीं पढ़ाई के दौरान उनकी जेडी से मुलाकात हुई। दोनों ने 2014 में शादी कर ली। उनके तीन बच्चे हैं।

उषा का परिवार भारत के आंध्र प्रदेश के वडलुरु गांव से ताल्लुक रखता है। गांव में उषा के रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने वेंस के लिए प्रार्थनाएं की थीं और जीत के बाद जश्न भी मनाया। उषा के परिवार ने गांव में अपनी विरासत को सहेजकर रखने में भी योगदान दिया है। उन्होंने मंदिरों और सामुदायिक योजनाओं में सहयोग किया है। 

डोनाल्ड ट्रम्प ने चुनाव से पहले एक रैली में जेडी और उषा की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जिक्र किया था और देश की पहली संभावित अश्वेत सेकंड लेडी के रूप में उषा की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया था। 

अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की संख्या, हालिया जनगणना आंकड़ों के अनुसार 48 लाख तक पहुंच गई है। अब व्हाइट हाउस में उषा और उनके परिवार की मौजूदगी भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बढ़ते प्रभाव का ही प्रतीक है। 

कैलिफोर्निया से राष्ट्रीय फलक तक की उषा की यात्रा ने अमेरिकी राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है। निश्चित रूप से उनका ये सफर भारतीय-अमेरिकियों की उपलब्धियों का प्रतीक और कई लोगों के लिए प्रेरणा साबित होगा। 
 

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